आप ! मनुष्य !
अपना सारा साहस और हिम्मत इकट्ठा करो और स्वयं को मानसिक रुप से एकजुट करो !
अपने आपको सदैव याद रखो! कौन सच्चा, वास्तविक रुप में इंसान है ?
आज ही वह दिन है जिस दिन आप पुर्नविचार करेगें कि आप वास्तव में कौन हो!
आपके भीतर गहराई में सब «कुछ» इन्तजार कर रहा है।
यह आपका सच्चा, सुन्दर, बुद्धिमान और शक्तिशाली अस्तित्व है। यह प्राणी आपका वहाँ इन्तजार कर रहा है, आपके अन्तरिम गहराई में छुपा हुआ है या आपकी उपस्थिति में पूर्णतः प्रत्यक्ष है।
आपका सच्चा एवं सुन्दर अस्तित्व आपको जगाने का इन्तजार कर रहा है ताकि आप उस मिथ्या या कृत्रिम दुनिया एवं उसके संचालको की अचेतना से बाहर निकल सकें।
आपका अस्तित्व केवल आपके आह्वाहन करने की प्रतीक्षा कर रहा है, आपकी आत्मा के द्वारा आह्वाहन एवं प्रार्थना आपके हृदय से कर रहा है!
अगर आपकी प्रार्थना सच्ची है तो यह सच्चा, सुन्दर, बुद्धिमान एवं शक्तिशाली अस्तित्व वास्तविकता में प्रवेश कर सकता है।
अगर आपका सुन्दर अस्तित्व वास्तविकता में प्रवेश कर पाता है तो वह सब कुछ हर प्रकार से अच्छा करने में समर्थ है।
सदैव अपने सच्चे एवं वास्तविक
अस्तित्व को याद रखें।
मिथ्यता एवं कृत्रिमता के झूठे
भगवान को छोड़ दें।
स्वयं पर ही ध्यान केन्द्रित करें। याद रखें !
सोहम् : सोहम् !
*
जब हम अन्त में वहाँ पहुंचेगें
‹ जहां कि कई सारी चीजें भिन्न भिन्न ›
हैं तब स्वयं को
उस दिशा में मोड़ दो जहाँ से
‹ उस संयुक्त एवं सम्मिलित
शक्ति का उदय हो रहा है। ›